सिर्फ एक कविता मे मेरा
जीवन ना सिमट जायेगा !
सिर्फ एक कविता
मे मेरा
सपना नहीं आ पायेगा !
तुम नहीं होगे
तो
मेरा जीवन नहीं मिट जायेगा !!
है उदासी उन लबों पे जो कभी गुलजार थे
तुम ना खिलोगे तो ये गुलशन नहीं मिट जायेगा !
होश मे आओं, अभी भी हैं बहुत सी मंजिलें
तुम ना चलोगे तो ये रास्ता नहीं मिट जायेगा !!
मैं बहुत जोरों से प्यासा था तेरे रुखसार का
तू नहीं देगा तो क्या कोई और ना पिलाएगा !
अब तो दामन छोड़ दो मोहसिन आरामे फिक्र का
खाली तेरे बैठने से सब तबाह हो जायेगा !!
जीवन ना सिमट जायेगा !
सिर्फ एक कविता
मे मेरा
सपना नहीं आ पायेगा !
मैं उम्र भर जो ना कह सका
वो आज कहता हूँ तुम्हेतुम नहीं होगे
तो
मेरा जीवन नहीं मिट जायेगा !!
है उदासी उन लबों पे जो कभी गुलजार थे
तुम ना खिलोगे तो ये गुलशन नहीं मिट जायेगा !
होश मे आओं, अभी भी हैं बहुत सी मंजिलें
तुम ना चलोगे तो ये रास्ता नहीं मिट जायेगा !!
मैं बहुत जोरों से प्यासा था तेरे रुखसार का
तू नहीं देगा तो क्या कोई और ना पिलाएगा !
अब तो दामन छोड़ दो मोहसिन आरामे फिक्र का
खाली तेरे बैठने से सब तबाह हो जायेगा !!

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